शनिवार, 2 मार्च 2013

चौ . मदन मोहन 'समर ' - भोपाल

आज पूज्यनीय बाबू जी के चित्र की दर्शन हुए ! लगा जैसे एक विराट व्यक्तित्व को निहार रहा हूँ ! काश एक बार उनका स्नेहिल आशीर्वाद प्राप्त कर  पाता ! उनके बारे में जो सुना वह हमारे लिए गर्व है ! सामाजिक व जन चेतना क्षेत्र   में उनका योगदान भिवानी एवं  दिल्ली  देश हमेशा याद रहेगा ! ईश्वर से प्रार्थना है कि हिन्दू धर्म की पुर्नजन्म की आस्था को साकार करते हुए उन्हें शीघ्र पुन : भारत वर्ष में अवतरित करें ! - चौ . मदन मोहन 'समर ' - भोपाल 

विनोद कुमार बंसल - भारत ट्रेडिंग ( भिवानी)

श्री चन्द्र सैन जी बहुत ही निस्वार्थ व्यक्ति थे ! जब भी उनसे मिलना होता , वह संकट मोचन का काम करते थे ! भगवान उनके परिवार को इस कष्ट को सहन करने की शक्ति दे ! -   विनोद कुमार बंसल

मनोज जैन गर्ग - मेडिकोज भिवानी

श्री चन्द्रसैन जी  जैन हसमुख व्यक्तित्व के धनी थे उनके निधन से हमें व्यक्तिगत रूप से क्षति हुई है ! जब भी भिवानी आते थे ! हमेशा संबल प्रदान करते थे ! आपको इस दुःख को सहने की शक्ति दे , ऐसी मंगल कामना है ! - मनोज जैन गर्ग - मेडिकोज भिवानी 

हनुमान प्रसाद ' अग्निमुख '

श्री चन्द्र सैन वो हस्ती थे , जो रुके नहीं , थके नहीं !
विपदाओं में झुके नहीं , सुविधाओं में बिके नहीं !!
राष्ट्र प्रेम का संस्कार था , संघ की शाखा से पाया!
वह दीप जला मन में ऐसा , जो आजन्म नहीं बुझने पाया ! - हनुमान प्रसाद ' अग्निमुख '

रसिक गुप्ता - दिल्ली

परम पूज्य बाऊ जी का स्नेह व आशीर्वाद अनेक अवसरों पर प्राप्त होता था ! हमेशा उनके चेहरे पर एक तेज उनकी जीवन शैली को बयां करता था ! उनके जीवन का यदि एक चौथाई अंश भी ग्रहण क्र लिया जाये तो हमारा जीवन भी , हमारा आना भी सार्थक बन सकता है इस दुनिया में ! - रसिक गुप्ता - दिल्ली 

अशोक भारद्वाज

परम पूज्य बाबू जी को नमन करता हूँ और प्रभु से प्रार्थना करता हूँ की उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें ! मेरा सोभाग्य है कि दिवाली से पहले मैं श्री राजेश जी के घर आया था तब मुझे उनके दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त हुआ था ! - अशोक भारद्वाज 

जगदीश चन्द्र गुप्ता ( तोशामिया ) हिसार

दिवंगत दिव्य आत्मा श्री चन्द्रसैन जी  परम पूज्य ताऊ जी एक महान विभूति  थे ! उनका जीवन संसार में एक विशेष जीवन रहा है ! निर्मल मन, अदभूत प्रेम मूर्ति थे ! परोपकारी , परमार्थ से भरा जीवन सभी के लिए प्रेरणा दायक है ! संघर्षशीलता  इतनी भरी थी की किसी भी सत्य के मार्ग पर  कदम  बढाने के बाद सफलता तक चैन से नहीं बैठते थे ! ऐसी दिव्य आत्मा और परमात्मा में कोई भेद नहीं रहता ! उनकी कमी उनके द्वारा बनाये गए बड़े प्रेम परिवार को सदैव बेचैन करती रहेंगी !
परमात्मा ऐसे दिव्य विभूति को पुन : पुन : हमारे सिर पर अपना वरद हस्त रखने के लिए संसार में भेजकर कर्ताथ करें !
आते है संसार में सभी , जाते है सभी ,
              पर दिलों पर अमिट छाप छोड़ते है कोई !! - जगदीश चन्द्र गुप्ता ( तोशामिया ) हिसार 

पारितोष गर्ग - रोहतक

परम पूज्य बाऊ जी हम सबके प्रेरणा स्त्रोत थे, हमेशा जब भी उनसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ , तब तब उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला ! उनकी दी हुई शिक्षा हमेशा याद रहेंगी ! भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और हमेशा अपनी सेवा में लगाये रखें ! - पारितोष गर्ग - रोहतक 

शुक्रवार, 1 मार्च 2013

भारत भूषण जैन - गीता भवन के समीप ( भिवानी)

दिवगंत श्री चन्द्र सैन जी निर्भीक , निड़र व  सत्यनिष्ठ कर्मयोगी थे ! संसार में करोड़ो लोग जन्म लेते है व चले जाते है ! लेकिन विरले ही होते है जो अपना पूरा जीवन परमार्थ में लगा देते है ! मजदूरों के हित के लिए पूंजीपतियों के सामने डट कर खड़े रहे , सदैव सत्य को सत्य कहा ! परमात्मा ऐसी दिव्य आत्मा को पुन : हमारे बीच भेजें , यही प्रार्थना है ! - भारत भूषण जैन - गीता भवन के समीप ( भिवानी)

KUSHAL JAIN -HARSHIT JAIN -KUNJ KHANNA

Dada ji were very smiling and sweet. They were really earing and always treated us like his own grand children .We will always love him and had a great respect. Hay his soul rest in peace. Always Miss you. -                                                               KUSHAL JAIN - KP-214, PITAMPURA, DELHI
                                                                         HARSHIT - D- 230, SEC-18, ROHINI, DELHI
                                                                               KUNJ KHANNA - H-1/136, SEC-11, ROHINI,

श्री कृष्ण गोतान ' मंजर ' - भिवानी

चले जाने से क़िबला आपके ,
                      नादार ही है हम !
अगर कुछ और दिन तुम ,
                   साथ रह जाते तो अच्छा था ! - श्री कृष्ण गोतान ' मंजर ' - भिवानी 

डा . संजय अत्री - भिवानी ( महासचिव - सांस्कृतिक मंच )

स्व . श्री चन्द्रसैन जी  के दर्शनों का लाभ मुझे नहीं मिल सका परन्तु उनके पुत्र राजेश चेतन को देखकर उनकी महानता एवं संस्कारों का पता चलता है कि वो पुण्य आत्मा साधारण होते हुए भी महान थी ! उनका नाम मेरे छोटे भाई राजेश अत्री कई बार लेते है ! स्वामी श्री जी . डी . शर्मा के  मुख से भी कई बार उनके नाम व कार्य के बारे में सुना है ! मैं परम पिता परमात्मा से प्रार्थना करता हूँ कि उन्हें वो अपने चरणों में स्थान दें ! - डा . संजय अत्री - भिवानी ( महासचिव  - सांस्कृतिक मंच )

डा . बुद्धदेव आर्य - भिवानी

परम पूज्य श्री चन्द्र सैन जैन जी से भिवानी में कई बार मिलने का अवसर मिला ! इस सौभाग्य का श्रेय कर्मठ श्री राजेश चेतन जी को जाता है ! जैन साहिब एक सहज , सरल - तरल ह्रदय व्यक्ति थे ! आपका संसर्ग निस्संदेह संतोष और शांति का प्रदाता था ! अपनी इसी साधारणता की ही प्रेरणा के कारण राजेश चेतन  एक उच्च शिखर पर प्रतिष्ठित है ! इन सबके बावजूद उनमे  आपकी सरलता , तरलता और आत्मीयता बिना किसी लाग - लपेट के स्वाभाविक रूप में  विधमान है ! अपने पूर्वजों के संस्कारों और मूल्यों की थाली को आप अवश्य एक नया आयाम देंगे ! ऐसा मेरा विश्वास है ! - डा . बुद्धदेव आर्य - भिवानी 

कैथल

परम पूज्य बाऊ जी के जीवन के बारें में मेरे हाथ , मेरा मन कुछ भी कहने लिखने की हिम्मत ही नहीं है ! बाऊ जी के साथ कुछ अलग प्रकार का स्नेह सम्बन्ध रहा ! कई बार ऐसा लगता है कि  वह मेरे मार्गदर्शन है , पर  मैं उनका मार्गदर्शक हूँ ! मेरे पिताजी को अपने बड़े भाई का स्थान देते थे ! इतने घनिष्ठ परिवार के सम्बन्ध बने , मैं कई बार विचार करता हूँ कि भगवान की कोई विशेष कृपा होगी , या कोई विशेष पुण्य किये होगें जो श्रीमान  प्रेम जी गोयल के कारण बाऊ जी के परिवार से सम्बन्ध बना ! पिताजी  के निधन के बाद  बाऊ जी को देखकर मन में सन्तोष मिलता था ! परन्तु बाऊ जी के जाने का  कष्ट हमेशा मन में रहेंगा ! और पछतावा भी रहेगा कि हर समय पर मिलने के बाद भी अंतिम समय में प्रत्यक्ष मिलन नहीं हो सका !
वास्तव में कहा जाये तो बाबू जी एक योगी पुरुष थे , उन्होंने पूरा जीवन तप किया, जिनके परिणाम स्वरूप उनके पुत्र , पुत्री , बहू , बेटे सभी ने समाज में इतना बड़ा स्थान बनाया ! बाऊ जी के साथ साथ मुझे राजेश चेतन तथा मनोज जी का भी प्यार मिला ! दोनों बहुओं ने अनेक प्रकार के कष्ट के दिनों में परिवार का हर परिस्थिति में साथ दिया ! वस्तुत : बाबू जी के निधन से एक अध्याय समाप्त हो गया ! - कैथल