शनिवार, 2 मार्च 2013

रसिक गुप्ता - दिल्ली

परम पूज्य बाऊ जी का स्नेह व आशीर्वाद अनेक अवसरों पर प्राप्त होता था ! हमेशा उनके चेहरे पर एक तेज उनकी जीवन शैली को बयां करता था ! उनके जीवन का यदि एक चौथाई अंश भी ग्रहण क्र लिया जाये तो हमारा जीवन भी , हमारा आना भी सार्थक बन सकता है इस दुनिया में ! - रसिक गुप्ता - दिल्ली 

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