परम पूज्य बाऊ जी के जीवन के बारें में मेरे हाथ , मेरा मन कुछ भी कहने लिखने की हिम्मत ही नहीं है ! बाऊ जी के साथ कुछ अलग प्रकार का स्नेह सम्बन्ध रहा ! कई बार ऐसा लगता है कि वह मेरे मार्गदर्शन है , पर मैं उनका मार्गदर्शक हूँ ! मेरे पिताजी को अपने बड़े भाई का स्थान देते थे ! इतने घनिष्ठ परिवार के सम्बन्ध बने , मैं कई बार विचार करता हूँ कि भगवान की कोई विशेष कृपा होगी , या कोई विशेष पुण्य किये होगें जो श्रीमान प्रेम जी गोयल के कारण बाऊ जी के परिवार से सम्बन्ध बना ! पिताजी के निधन के बाद बाऊ जी को देखकर मन में सन्तोष मिलता था ! परन्तु बाऊ जी के जाने का कष्ट हमेशा मन में रहेंगा ! और पछतावा भी रहेगा कि हर समय पर मिलने के बाद भी अंतिम समय में प्रत्यक्ष मिलन नहीं हो सका !
वास्तव में कहा जाये तो बाबू जी एक योगी पुरुष थे , उन्होंने पूरा जीवन तप किया, जिनके परिणाम स्वरूप उनके पुत्र , पुत्री , बहू , बेटे सभी ने समाज में इतना बड़ा स्थान बनाया ! बाऊ जी के साथ साथ मुझे राजेश चेतन तथा मनोज जी का भी प्यार मिला ! दोनों बहुओं ने अनेक प्रकार के कष्ट के दिनों में परिवार का हर परिस्थिति में साथ दिया ! वस्तुत : बाबू जी के निधन से एक अध्याय समाप्त हो गया ! - कैथल
वास्तव में कहा जाये तो बाबू जी एक योगी पुरुष थे , उन्होंने पूरा जीवन तप किया, जिनके परिणाम स्वरूप उनके पुत्र , पुत्री , बहू , बेटे सभी ने समाज में इतना बड़ा स्थान बनाया ! बाऊ जी के साथ साथ मुझे राजेश चेतन तथा मनोज जी का भी प्यार मिला ! दोनों बहुओं ने अनेक प्रकार के कष्ट के दिनों में परिवार का हर परिस्थिति में साथ दिया ! वस्तुत : बाबू जी के निधन से एक अध्याय समाप्त हो गया ! - कैथल
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