दिवगंत श्री चन्द्र सैन जी निर्भीक , निड़र व सत्यनिष्ठ कर्मयोगी थे ! संसार में करोड़ो लोग जन्म लेते है व चले जाते है ! लेकिन विरले ही होते है जो अपना पूरा जीवन परमार्थ में लगा देते है ! मजदूरों के हित के लिए पूंजीपतियों के सामने डट कर खड़े रहे , सदैव सत्य को सत्य कहा ! परमात्मा ऐसी दिव्य आत्मा को पुन : हमारे बीच भेजें , यही प्रार्थना है ! - भारत भूषण जैन - गीता भवन के समीप ( भिवानी)
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