पिता का स्थान जीवन में करीब करीब परमात्मा सरोखा है ! हमारे माँ - बाप ही हमारे शारीरिक, सामाजिक व आध्यात्मिक जीवन के सूत्रधार है ! प्रिय राजेश जी आज आपके परिवार से वो सदस्य चले गये है ! जिनसे आपका साथ , जब से आपने इस दुनिया में आखें खोली, तबसे था ! एक छाया एक आशियाने की तरह पल पल पर याद आते रहेंगे सारी जिंदगी ! उनकी याद उनकी अमूल्य धरोहर है !- आपका शुभेच्छु सुरेन्द्र गुप्ता
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