मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013

दास पुरुषोत्तम -( Capital College of Fine Arts)

पिता शब्द में एक ऐसी शक्ति है जो हर पल संचालित होती रहती है ! उस के रुक जाने की घटना एक पुत्र के लिए सबसे बड़ा कष्ट है ! मैं अपने भाई राजेश के इस दुःख में बराबर का भागीदार हूँ ! प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि उस महान आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें तथा समस्त परिवार जनों को इस दारुण दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें ! - आपका अपना - दास पुरुषोत्तम -( Capital College of Fine Arts)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें