पिताजी का देहांत जीवन की सबसे बड़ी दुखद घटना है ! जिसको सिर्फ पुरुष अच्छे से महसूस कर सकते है ! पिताजी के देहांत के बाद आदमी घर का सबसे बड़ा हो जाता है ! घर के सभी सदस्यों की आँखें पिता के पुत्र की तरफ अटक जाती है और पुत्र के लिए कोई नहीं होता ! पुत्र के पास पिता के आदर्श ही मार्ग दर्शक होते है ! - डा . जय किशन
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