आपसे साक्षात दर्शन का सौभाग्य तो मुझे नहीं मिला ! परन्तु जिनके राजेश जी जैसे सपुत्र हो तो आपके जीवन का परिचय तो अपने आप ही हो जाता है ! आपका वियोग समाज के लिए एक क्षति है , जिसकी भरपाई बहुत ही मुश्किल है ! स्वर्ग से आपका आशीर्वाद हमें मिलता रहेगा ! - जितेंद्र गुप्ता - पंजाबी बाग एक्सटेंशन , दिल्ली
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