श्री राजेश जैन "चेतन" जी के पिता के दिवगंत होने की सूचना से व्यथित हूँ ! पिता की क्षति अपूरणीय हैं ! मैं चेतन जी के परिवार के साथ इन दु : खद क्षणों में हूँ ! ईश्वर दिवगंत आत्मा को शांति प्रदान करे !
सुन्दर आकृति क्षण भर में होती विकृति ,
फिर रूप का क्या गर्व है!
मृत्यु ही अंतिम पर्व है !
इस पर्व को सोल्लास मनाये , जिससे स्व . पिताजी प्रसन्न हो कृपा दृष्टि कर आशीष दें !
_ मधु मोहिनी उपाध्याय
सुन्दर आकृति क्षण भर में होती विकृति ,
फिर रूप का क्या गर्व है!
मृत्यु ही अंतिम पर्व है !
इस पर्व को सोल्लास मनाये , जिससे स्व . पिताजी प्रसन्न हो कृपा दृष्टि कर आशीष दें !
_ मधु मोहिनी उपाध्याय
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