आम के वृक्ष पर आम ही फलता है ! राजेश जी के व्यक्तित्व को देखकर अनुमान लगाया जी सकता है कि उनके पूज्य पिताजी का किरदार क्या रहा होगा, लेकिन यह सिर्फ अनुमान ही होगा ! मैं कई बार व्यक्तिगत रूप से स्व . श्री चन्द्रसेन जी से मिला हूँ ! उनकी बातों में जो सच्चाई और निर्णय क्षमता दीख पड़ती थी ! उनकी बातों में जो बेबाक़ी छलकती है ! उन्होंने मेरी इस भावना को प्रेषित किया कि अंतत : बाप बाप ही होता है ! - चिराग जैन
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