सोमवार, 18 फ़रवरी 2013

महेन्द्र अजनबी , 44, पाकेट -1, सेक्टर-23, रोहिणी, दिल्ली

राजेश को मैं हमेशा से अपने छोटे भाई की तरह मानता आया हूँ ! पिताश्री के न रहने को मैं अपनी व्यक्तिगत क्षति मानता हूँ ! ईश्वर  प्रिय राजेश और उसके पूरे परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दे ! मैं पिताश्री  को विन्रम श्रद्धांजलि देता हूँ ! - महेन्द्र अजनबी 

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