बुधवार, 27 फ़रवरी 2013

विष्णु भगवान, सूबे सिंह ( बाक्सिंग प्रशिक्षक ) - भिवानी

आपसे व्यक्तिगत रूप से तो मैं नहीं मिल सका, इसका मुझे सर्वदा अफ़सोस रहेगा ! लेकिन आपने जो पुत्र रतन श्री राजेश चेतन जी के रूप में दिया है , उसे देखकर लगता है कि आपको अगर राजा दशरथ की उपाधि दी जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी , क्योंकि आदर्श आपने अपने पुत्र को दिए है ! वह भी राम जी के आदर्शों से मेल खाते ! - विष्णु भगवान, सूबे सिंह  ( बाक्सिंग प्रशिक्षक ) - भिवानी 

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