सोमवार, 18 फ़रवरी 2013

विनय विश्वास, बी-7/155, सेक्टर-4, रोहिणी दिल्ली

मैं भी इस समय में परिवार के साथ हूँ ! राजेश के पिता जी के न रहने का दुःख तो है, लेकिन वे जीवन को भरपूर जीकर गए है ! जीवन कैसे जीना चाहिए, इनका आदर्श है उनका जीवन !
उन्हें मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि! - विनय विश्वास

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