गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

काली शंकर " सौम्य " - 41, मदनगीर, नई दिल्ली - 62

श्री राजेश चेतन  जी के पिताजी का देहांत एक दुर्भाग्यपूर्ण बात है ! जीवन में पिता की एक एहम भूमिका है !
          पिता तुम वृक्ष छायादार,
                                   धूप  से हमको बचाकर,
              सह रहे खुद मार ,
                                   पिता तुम वृक्ष छायादार     - काली  शंकर

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