जन्म - मर्ण की तारीखें भूल जानी है ,
दुनिया की रीत चलती जनि है !
आप अमर रहोगे, हमारी यादों में,
मौत तो आनी जानी है ! - सपना लोहिया ( ऋचा - संपादक )
दुनिया की रीत चलती जनि है !
आप अमर रहोगे, हमारी यादों में,
मौत तो आनी जानी है ! - सपना लोहिया ( ऋचा - संपादक )
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