आदरणीय बाऊ जी के दर्शनों और उनके बातचीत का मौका दीपावली वाले दिन ही मिला था ! मैं अपने पिताजी प्रो . एस . वी . सिंघल के साथ बाऊ जी से मिलने आया था ! उस बात का इलम नहीं था की ये हमारी आख़िरी मुलाकात होगी ! कई बार बाऊ जी से मिलने , साथ भोजन करने का सोभाग्य मिला ! ऐसे सरल ह्रदय बाऊ जी के चरणों में शत शत नमन !! - अतुल सिंघल (पत्रकार)
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